"भारत-पाक संघर्ष 2025: क्या हुआ इन दिनों? जानिए पूरी कहानी एक नजर में!"..."क्या फिर जंग के हालात? भारत-पाक 2025 टकराव की पूरी रिपोर्ट!"
1. पृष्ठभूमि: 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की मृत्यु हुई। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को जिम्मेदार ठहराया।
2. ऑपरेशन सिंदूर: 7 मई को भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में बहावलपुर, मुरिदके, गुलपुर, भिम्बर, कोटली, सियालकोट, मुज़फ़्फ़राबाद और अन्य स्थानों को निशाना बनाया गया।
3. पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन बुनियान उल मर्सूस' के तहत भारतीय सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। भारत ने दावा किया कि पाकिस्तान ने दिल्ली की ओर फतह-II मिसाइल दागी, जिसे हरियाणा के सिरसा एयरबेस के पास इंटरसेप्ट कर लिया गया।
4. चीनी और तुर्की हथियारों का उपयोग: भारत ने पाकिस्तान द्वारा चीनी निर्मित PL-15 मिसाइलों और तुर्की निर्मित ड्रोन के उपयोग के सबूत पेश किए। यह पहली बार था जब भारत ने आधिकारिक रूप से चीन पर पाकिस्तान को सैन्य सहायता देने का आरोप लगाया।
5. डिजिटल युद्ध: पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य उपग्रहों और सरकारी वेबसाइटों पर साइबर हमले किए। भारत ने भी जवाबी कदम उठाते हुए पाकिस्तान के ड्रोन को मार गिराया और सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने के प्रयासों का खंडन किया।
6. राजनयिक तनाव: भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित किया, अटारी-वाघा सीमा को बंद किया, और पाकिस्तान के साथ वीजा सेवाएं और व्यापारिक संबंधों को रोक दिया। पाकिस्तान ने भी जवाबी कदम उठाते हुए भारतीय राजनयिकों को निष्कासित किया और हवाई क्षेत्र बंद किया।
7. अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता: संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच संघर्षविराम हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे 'ऐतिहासिक संघर्षविराम' बताया। भारत ने हालांकि ट्रंप के उस दावे को खारिज किया कि व्यापारिक प्रोत्साहनों ने संघर्षविराम में भूमिका निभाई।
8. नुकसान और हानि: पाकिस्तान ने दावा किया कि भारतीय हमलों में 40 नागरिक और 11 सैन्यकर्मी मारे गए, जबकि भारत ने 5 सैन्यकर्मी और 16 नागरिकों की मृत्यु की पुष्टि की। दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया।
9. भविष्य की दिशा: विशेषज्ञों के अनुसार, यह संघर्ष दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है। हालांकि संघर्षविराम लागू हो गया है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच अविश्वास बना हुआ है।
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📌 निष्कर्ष
2025 का भारत-पाकिस्तान संघर्ष एक बार फिर से यह दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच शांति कितनी नाजुक है। आतंकवाद, क्षेत्रीय विवाद और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप जैसे मुद्दे इस संघर्ष के प्रमुख कारण रहे। भविष्य में स्थायी शांति के लिए दोनों देशों को संवाद और विश्वास-निर्माण के उपायों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
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नोट: यह ब्लॉग पोस्ट हालिया घटनाओं पर आधारित है और इसमें दी गई जानकारी विभिन्न समाचार स्रोतों से संकलित की गई है।
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